उद्देश्य एवं लक्ष्य

      1.  अपने व्यवसाय के प्रति स्वाभिमान जागृत करना तथा अस्मिता की रक्षा हेतु हर स्तर पर सचेष्ट एवं जागरूक रहना |
      2.  आपसी भाई चारा एवं स्नेह पूर्ण संबंधों की अनुभूति का विनियम एवं जागरण, आपसी संबंधों को मजबूत बनाना, बौधिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक चेतना जागृत करना तथा सामयिक मुद्दों पर अभियंताओं एवं विशेषज्ञों की गोष्ठियां एवं सेमीनार आयोजित कर लिए गए प्रस्ताव एवं सुझाव जनहित में सरकार को प्रस्तुत करना |
      3.  अभियंता, अभियंत्रण एवं विकास विरोधी क्रियाकलापों की पहचान कर व्यवस्था की विकृति के जड़ में प्रहार करना तथा रास्ट्र एवं राज्य हित में सतत विकासोन्मुख कार्यवाई का मार्ग प्रसस्त करना एवं कराना |
      4.  सदस्यों की सेवा शर्तों का संरक्षण एवं उसमें उतरोत्तर बेहतरी हेतु सतत प्रयत्नशील रहना |
      5.  सदस्यों के मान -सम्मान एवं देय सुविधाओं की रक्षा हर स्तर पर करना |
      6. डिप्लोमा अभियंत्रण की शिक्षा पद्धत्ति में सुधार एतु प्रयास करना एवं बेहतर नियोजन के अवसर उपलब्ध कराने हेतु प्रयासरत रहना |
      7.  कार्यरत अभियंताओं के लिए अभ्गियंत्रण में अत्याधुनिक तकनीकी ज्ञान, एवं तकनीकी व्यवस्था की पढ़ाई हेतु एक संस्था स्थापित कराने हेतु सरकार से प्रयत्न करना ताकि अभियंताओं को समय-समयर प्रशिक्षण उपलब्ध कराकर उन्हें नए विकसित तकनीकों से परिपूर्ण किया जा सके |
      8.  सदस्यों में स्वावलंबन, आत्मगौरव, परस्पर सहयोग एवं देशभक्ति की भावना जागृत करना तथा रास्ट्र के सर्वांगीण विकास के प्रति सदस्यों को प्रवृत करना |
      9.  समान उद्देश्यों के दुसरे सेवा संघों / महासंघों से संपर्क स्थापित कर सहयोग एवं समर्थन का आदान -प्रदान करना |
      10.  लाचार एवं अभावग्रस्त सदस्यों को आवश्यक सहयोग मुहैया कराना |
      11.  सेवानिवृत एवं मृत सदस्यों की लंबित समस्याओं के निराकरण हेतु प्रयास करना एवं सम्मान देना |
      12.  संघ के उद्देश्यों के पूर्ति हेतु युक्ति-युक्त कार्यक्रम का कार्यान्वयन करना |
      13.  अन्तर्राज्यीय तकनीकी एवं सांस्कृतिक आदान-प्रदान से राज्य के विकास की संभावना बढाने के निमित सदस्यों के लिए समय-समय पर तकनीकी शिक्षायात्रा के आयोजन का प्रयत्न करना |
      14.  संघ को जाती, धर्म, सम्प्रदाय एवं राजनैतिक दलों से निरपेक्ष रखना |